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SIP का जोश हुआ ठंडा? मई में म्यूचुअल फंड में निवेश 40% टूटा, AMFI डेटा ने बढ़ाई चिंता

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 10, 2026 11:52 am IST,  Updated : Jun 10, 2026 11:52 am IST

शेयर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और वैश्विक स्तर पर बने तनाव का असर अब म्यूचुअल फंड निवेश पर भी दिखने लगा है। मई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश एक साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

म्यूचुअल फंड निवेशकों...- India TV Hindi
म्यूचुअल फंड निवेशकों को लगा झटका! Image Source : CANVA

मई 2026 में म्यूचुअल फंड निवेशकों का उत्साह कुछ ठंडा पड़ता नजर आया। शेयर बाजार में बढ़ती अस्थिरता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। AMFI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल 22,907 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो अप्रैल के मुकाबले करीब 40 फीसदी कम है। हालांकि निवेश अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन यह गिरावट बताती है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और बाजार की दिशा को लेकर सतर्क हैं।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, अप्रैल में इक्विटी फंड्स में 38,440 करोड़ रुपये का निवेश आया था, जो मई में घटकर 22,907 करोड़ रुपये रह गया। यह पिछले एक साल का सबसे निचला स्तर है। बताया जा रहा है कि अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों ने नई रकम लगाने में सावधानी बरती है।

लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स में भी गिरावट

मई में लगभग सभी प्रमुख इक्विटी कैटेगरी में निवेश घटा। लार्जकैप फंड्स में निवेश 2,524 करोड़ रुपये से घटकर 1,593 करोड़ रुपये रहा। मिडकैप फंड्स में निवेश 6,551 करोड़ रुपये से घटकर 4,385 करोड़ रुपये पर आ गया। स्मॉलकैप फंड्स में निवेश 6,885 करोड़ रुपये से घटकर 4,946 करोड़ रुपये रह गया।हालांकि स्मॉलकैप फंड्स में निवेश सबसे ज्यादा रहा, लेकिन यहां भी गिरावट देखने को मिली।

डेट म्यूचुअल फंड से बड़ी निकासी

मई में डेट म्यूचुअल फंड्स से भारी निकासी दर्ज की गई। इस दौरान निवेशकों ने करीब 96,948 करोड़ रुपये निकाल लिए। अप्रैल में इसी कैटेगरी में 2.47 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया था। लिक्विड फंड और मनी मार्केट फंड से सबसे ज्यादा पैसा निकाला गया। केवल क्रेडिट रिस्क फंड्स में मामूली निवेश देखने को मिला।

हाइब्रिड फंड्स का भी अट्रैक्शन घटा

हाइब्रिड फंड्स में मई के दौरान 10,560 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो अप्रैल के मुकाबले लगभग 49 फीसदी कम है। हालांकि आर्बिट्राज फंड और मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

गोल्ड ETF और इंडेक्स फंड में भी सुस्ती

गोल्ड ETF, इंडेक्स फंड और अन्य ETF में निवेश में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इन योजनाओं में कुल निवेश घटकर केवल 362 करोड़ रुपये रह गया, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 20,082 करोड़ रुपये था। गोल्ड ETF से 725 करोड़ रुपये की निकासी भी दर्ज की गई।

आगे क्या है निवेशकों के लिए संकेत?

AMFI का मानना है कि बाजार में जारी अस्थिरता और वैश्विक घटनाक्रमों के कारण निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क बना हुआ है। हालांकि SIP के जरिए नियमित निवेश जारी है और लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है।

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